Saturday, 20 February 2016

जेएनयु झिंदाबाद !!!

ये  ( एबीवीपी ) जो लोग हैं, इनकी सच्चाई जान लिजिये. इनसे नफरत मत किजियेगा क्योंकी हम लोग नफरत नहीं कर सकते.

मुझे बडी ही दयाभाव है इनके प्रती. ये जो उछल रहे है. इनको लगता है, जैसे गजेंदर चौहान को बिठाया है, वैसे हर जगह चौहान, दीवान, फर्मान ये जारी कर देंगे. इस चौहान, दीवान, फर्मान की बदौलत ये हर जगह नौकरी पाते है. इसलिये ये जब भारतमाता की जय चिल्लाये, तो समझ ले की परसो इनका इंटरव्ह्यू होनेवाला है.

नौकरी लगेगी, नौकरी लगेगी, देशभक्ती पिछे छुटेगी. नौकरी लगेगी, भारतमाता का कोई खयाल नहीं. नौकरी लगेगी, तिरंगा को तो इन्होंने कभी माना ही नहीं, भगवा झंडा भी नहीं पालेंगे.

मैं सवाल करना चाहता हुं, ये कैसी देशभक्ती है, अगर एक मालिक अपने नौकर से सहीं बर्ताव नहीं करता, किसान अपने मजदूर से सहीं बर्ताव नहीं करता, अगर पुंजीपती अपने एम्प्लॉयमेंट से सहीं बर्ताव नहीं करता, जो अलग अलग चैनल के लोग है, जो पत्रकार काम करते है, १५-१५ हजार रुपयें में, उनके जो सीईओ है, वो इनसे ठीक से बर्ताव नहीं करते.

कैसे देशभक्त है, आपकी देशभक्ती भारत-पाक कें मैच में खतम हो जाती हैं. इसलिये जब लौट के निकलते है, तो केलेवाले के साथ बदतमीजीसे बात करते हैं. केलावाला कहता है, साहब ४० रुपया डझन, कहते है, भाग, तुम लुट रहे हो, ३० का दे दो. केलावाला अगर पलटकर जवाब दे देगा ना, तुम सबसे बडे लुटेरे हो, करोडो लूट रहे हो, तो कह देंगे की ये देशद्रोही हैं.........

मै बहोत सारे इनमेंसे दोस्तो को जानता हुं, इनको पुंछता हुं, क्या सचमुच तुम्हारे अंदर देशभक्ती पनपती है ? तो कहता है, भैय्या क्या करे, पांच सालकी सरकार है, दो साल खत्म हो गये है. तीन साल का टॉकटाईम बचा है. जो करना है, अभी कर डालना है. तो हमने बोला, भाई करलो. लेकिन एक बताओ, जेएनयु के बारेमें अगर झुठ बोलोगे, तो कल तुम्हाराही कोई साथी पकड लेगा, जो आजकल ट्रेन में बीफ चेक करता है. पकड करके तुमको क्लीनचीट करेगा, कहेगा तुम देशभक्त नहीं हो, तुम तो जेएनयुवाईट हो. इसका खतरा समझते हो ?

बोले समझते है भैय्या, इसलिये हमलोग जेएनयु शटडाऊन का जो स्टैग है, उसका विरोध कर रहे है. हमने कहां, बहोत बढियां है, भाईसाहब, पहले जेएनयु हैशस्टैग के लिये माहौल बनाओ, फिर उसका विरोध करो,  क्योंकी रहना तो जेएनयु में है.

इसलिये मै आप तमाम जेएनयु के लोगो को कहना चाहता हुं, के अभी चुनाव होगा मार्च में, और एबीव्हीपी के लोग, ओम का झंडा लगाकर आप के पास आयेंगे, तो उनसे कहियेगा. हम देशद्रोही है, हम देहाती आतंकवादी है, हमारा वोट लेके तुमभी देशद्रोही बन जाओगे. ये उन से जरुर पुछियेगा. तो कहेंगे, नही नही आप लोग नहीं है, वो कुछ लोग है. तो कहना, वो कुछ लोग थे, ये बात तो तुमने मिडिया में नहीं कहीं. तुम्हारा वाईस चान्सलर भी नहीं बोला और तुम्हारा रजिस्ट्रार भी नहीं बोल रहां है.

वो कुछ लोग भी तो कह रहे है कि हम पाकिस्तान झिंदाबाद नहीं लगाये है. हम आतंकवाद के पक्ष में नहीं है. वो कुछ लोग भी तो कह रहे है कि हमारा परमिशन देकर कि परमिशन कैन्सल कर दिया. ये हमारे डेमोक्रेटिक राईटपर एटैक हो रहां है. वो कुछ लोग जो कह रहे है कि इस देश के अंदर कहीं लडाई चालु है, तो हम उस लडाई के समर्थन में खडा होंगे. इतनी बात इनके पाले पडनेवाली नहीं है.

मुझे पुरा भरोसा है, इतने लोग जो इतने शॉर्ट नोटीसपर यहां आये है, उनके पाले पड रहां हैं. कि एबीवीपी ना इस देश को तोड रहां है, बल्कि जेएनयु को तोड रहां है. लेकिन हम जेएनयु को टुटने नहीं देंगे. जेएनयु झिंदाबाद था, झिंदाबाद है और झिंदाबाद रहेगा......

कन्हैय्याकुमार
विद्यार्थी नेता, जवाहरलाल नेहरु युनिव्हरसिटी.

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